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वडोदरा में टूटा 40 साल पुराना पुल ,9 की दर्दनाक मौत – जिम्मेदार कौन?

Published On: July 10, 2025
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40 साल पुराना पुल
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गुजरात के Vadodara में महीसागर नदी पर 40 साल पुराना टूटा पुल 9 लोग की मौत। जाने पूरी खबर

गुजरात के वडोदरा जिले के पास बहने वाली महीसागर नदी पर बना एक पुराना पुल जो मंगलवार को अचानक से टूट गया , जिससे कई वाहन नदी में गिर गई। हादसे में अब तक 9 लोग के मौत की खबर भी आ रही है जो जिलाधिकारी ने बताया।जबकि कई लोगों का रेस्क्यू का काम जारी है। बता दे कि पुल टूटने से 2 ट्रक, 1ऑटो रिक्शा, इको कार समेत कई वाहन नदी में गिर गए। जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

पुल टूटने का कारण

स्थानीय प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, पुल लगभग 40 साल पुराना और जर्जर स्थिति में था। बारिश के बाद नदी के जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे पुल की नींव कमजोर पड़ गई थी।कुछ लोगों का कहना है कि पुल पर Overloading और लगातार भरी वाहनों का दबाव भी इसकी वजह बन गई।

प्रमुख कारण विवरण;

  • अवधिगत उम्र लगातार 40 वर्षों से उपयोग में, पुरातन संर architect
  • नियमित निरीक्षण की कमी दरारें, कमजोर रेलिंग, उपेक्षित स्ट्रक्चर
  • प्राकृतिक कारक बाढ़, तेज बहाव, मलबा और पानी की चोट
  • संरचनात्मक मरम्मत की कमी समय पर मरम्मत नहीं हुई, रखरखाव सतही रहा

 

स्थानीय लोगों में रोष और डर

वडोदरा के महिसागर नदी पर बने लगभग 45-वर्षीय गंभीर (Gambhira) पुल के अचानक क्षरण और टूटने की घटना (9 जुलाई 2025 को सुबह करीब 7:30 बजे) ने स्थानीय लोगों में गहरा रोष और भय उत्पन्न कर दिया है जिससे लोग तमाम तरह के आरोप लगा रहे है-

प्रशासन पर आरोप

कई स्थानीय युवाओं एवं परिचारकों का आरोप है कि पुल पहले से “जर्जर” हालत में था और मरम्मत की मांग कब से की जा रही थी, लेकिन “प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।

सरकार वॉलिपालिसी की निंदा

विपक्षी दलों समेत जनता भी कह रही है, “हमने समय-समय पर चेतावनी दी थी”—बढ़ते सड़क वाहनों और भारी ट्रैफिक के बीच पुल को खतरनाक बताया गया था  ।

भय और असुरक्षा की भावना

नजदीकी हादसों का डर
पुल टूटते ही वाहन नीचे नदियों में बह गए—इसमें ट्रक, कार, रिक्शा और बाइक सब शामिल हैं—और इससे स्थानीयों में “अगले हादसे” का डर बन गया  ।

सार्वजनिक निवासियों की चिंता

स्थानीय निवासियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक मदद नहीं मिली—उन्होंने स्वयं धक्का लगाकर बचाव में हाथ बटाया, जिससे प्रशासनिक उपेक्षा का एहसास हुआ ।

40 साल पुराना पुल

नतीजतन:

  • प्रशासन की विश्वसनीयता प्रभावित हुई—लोगों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की, “The city administration has failed us” जैसा रवैया देखा गया ।
  • राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए—कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने दोनों सरकार पर “नेतृत्वहीनता और लापरवाही” का आरोप लगाया  ।
  • भविष्य में संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल उठे—जन-जन प्रसन्न नहीं सिर्फ मुआवज़ा की बात सुन, बल्कि मांग है कि ऐसे पुराने संरचनाओं का ऑडिट हो और खराब संरचनाओं पर तत्काल सुधार हो।

प्रशासन का क्या कहना?

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पुल ढहने की घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसके मुख्य बिंदु निम्न है –

1. तत्काल जांच एवं आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन
सरकार ने एक तकनीकी जांच समिति गठित करने का आदेश जारी किया है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी  ।

2. राहत एवं बचाव कार्य
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर स्थानीय बचाव टीम, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ को तैनात किया गया। घायलों को चिकित्सीय सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जा रही है  ।

3. तकनीकी विशेषज्ञों का दौरा
पुल की असमर्थता के कारणों का पता लगाने हेतु हाई‑प्रोफाइल तकनीकी टास्क फोर्स घटनास्थल पर पहुंचा है  ।

4. असरकार ने स्वीकारा बुनियादी ढांचे पर संकट
यह हादसा राज्य में बूढ़ी और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के खतरों को उजागर करता है, और अब तत्काल प्रस्तावित ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन के संकेत दिए गए हैं।

हादसे के बाद लोगों की मांग

गुजरात के वडोदरा ज़िले में महिसागर नदी पर बने पुल के ढहने के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों ने मिलकर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। इन मांगों का उद्देश्य भविष्य में ऐसे हादसों को रोकना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जिसका मांग विवरण निम्न है-

40 साल पुराना पुल
40 साल पुराना पुल
क्र.सं. मांग विवरण
1 पुल की उच्च स्तरीय जांच हादसे की न्यायिक या तकनीकी जांच की मांग ताकि निर्माण में हुई लापरवाही उजागर हो सके।
2 दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जिन एजेंसियों, ठेकेदारों या अधिकारियों की लापरवाही से पुल गिरा, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग।
3 स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण अस्थायी हल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समाधान के लिए एक मजबूत और आधुनिक पुल बनाने की मांग।
4 मुआवज़ा और राहत पैकेज हादसे में घायल या प्रभावित लोगों के परिवारों को उचित मुआवज़ा और पुनर्वास सहायता देने की मांग।
5 बुनियादी ढांचे की समीक्षा वडोदरा ज़िले के अन्य पुराने या जर्जर पुलों और सड़कों की तत्काल समीक्षा और मरम्मत।
6 पारदर्शिता और जनसुनवाई भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स में स्थानीय जनता को जानकारी देने और उनकी राय लेने की प्रक्रिया तय करने की मांग।
7 राजनीतिक जवाबदेही संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सार्वजनिक जवाबदेही की मांग, विशेष रूप से चुनावी वादों की पूर्ति के संदर्भ में।

 

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