Kolkata में फर्जी ED (Enforcement Directorate) ने हाल ही में एक बड़े फर्जी ED रैकेट का खुलासा किया। कोलकाता में Fortuner SUV पर ED की प्लेट लगा करते करोड़ों की वसूली। ED ने किया फर्जी अफसरों कि गिरफ्तारी। कैसे बनाते थे?

Kolkata में फर्जी ED: अफसर बनकर करोड़ों की ठगी, दो गिरफ्तार
Kolkata ED Scam में ED ने Ed को ही गिरफ्तार कर लिया बस फर्क है असली और नकली का है। कहानी कुछ ऐसा है कि एड ने 2 ऐसे जालसाजों को गिरफ्तार किया जो अपने को ED बताकर बड़े-बड़े कारोबारियों से बड़े बड़े वसूली किया करते थे। लेकिन कुछ कैसा कर बैठे जो अपने ही जल में फंस गए।
इंडिया न्यूज में खबरों के मुताबित कोलकाता में जॉन वन के ED अधिकारियों ने जिन्नर अली नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बता दे कि जिन्नर अली ने खुद को ED अधिकारी बताकर रविंद्र साहनी के रेत व्यवसाय से 1 करोड़ 30 लाख रुपए की उगाई की थी। इसके बाद जन्नत अली और उनके साथी सिन्नर अली के खिलाफ FIR दर्ज किया गया। उसके बाद मामले की जांच हुई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

Kolkata में फर्जी ED कैसे बनाते थे? ये लोगों को शिकार जाने सच।
आरोपी जन्नत अली और सिन्नर अली इस तरह से काम करते थे कि बिना किसी शक के व्यापारी उनके काम करने के तरीके के शिकार आसानी से हो जाते थे। Kolkata ED Scam में लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए वह Fortuner और SUV जैसे बड़े गाड़ियों से घूमते थे जिस पर नकली ED का बोर्ड लगा होता था।
इन दोनों के काम करने का तरीका इतना शातिराना था कि वह व्यापारियों को समन जारी करके गो परिसर या सरकारी दफ्तरों में बुलाकर ED कार्रवाई की धमकी देते थे और कहते थे कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो कारोबारी के बैंक खाता फ्रीज कर दिए जाएंगे और संपत्तियों जप्त कर दी जाएंगे जिससे इनका दहशत बना रहता था।
बल्कि इन्होंने एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी का मुखिया बताकर व्यापारियों को कई बार धमकाया भी है। ED के काफी मशक्कत के बाद उन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है।
धोखाधड़ी के शिकार कैसे बने लोग Kolkata ED Scam
- व्यापारी और नौकरी पेशा लोग सबसे ज्यादा शिकार बने थे।
- उन्हें यह कहा जाता था कि यदि वे यह रकम नहीं देंगे तो उनका धंधा या व्यक्तिगत जीवन मुश्किल में पड़ सकता है।
- कई बार उन्हें फर्जी ED अधिकारियों के द्वारा फर्जी दस्तावेज़ और नोटिस भी दिखाए जाते थे, जिससे उनकी आशंका और बढ़ जाती थी।
Kolkata ED Scam शिकार बनने से कैसे बचें
- ED या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी कभी भी फोन या मेल के द्वारा पैसों की मांग नहीं करता।
- यदि आपको कोई सरकारी अधिकारी पैसों की मांग करता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या सुरक्षा एजेंसी से संपर्क करें।
- इस प्रकार के रैकेट से बचने के लिए आपको सतर्क रहना और सभी दस्तावेज़ों की जांच करना बेहद जरूरी है।
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